28.2 C
Dehradun, IN
July 16, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
मध्यप्रदेश

शावकों के साथ मस्ती करते दिखी मादा चीता गामिनी, कूनो नेशनल पार्क से खूबसूरत वीडियो आया सामने

श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क से एक सकून देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां  रिमझिम फुहार के बीच मादा चीता गामिनी अपने शावकों के साथ मस्ती करती दिखी। बता दें कि सभी शावक करीब चार माह के हो गए हैं। ऐसे में अब सभी शावक अपनी मां से जंगल में रहने के गुर सीख रहे हैं। गामिनी भी अपने बच्चों पर खूब प्यार लुटा रही है।

हल्की फुहार के बीच जब गामिनी अपने शावकों के साथ मस्ती करते दिखी तो इस खूबसूरत पल को वन विभाग की टीम ने कमरे में कैद किया। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

Related posts

शिवराज सिंह चौहान बोले- भाजपा इस बार विजय के नए रिकॉर्ड स्थापित करेगी

Uttarakhand Vidhansabha

मर्सीहोम में पावर कट का टार्चर झेल रहे मानसिक दिव्यांग

Uttarakhand Vidhansabha

भोपाल : लोकसभा में हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वे दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। इस्तीफे की बड़ी वजह कांग्रेस की आपसी कलह भी मानी जा रही है। दरअसल, 29 सीटों पर क्लीन बोल्ड होने के बाद जीतू पटवारी पर ही कांग्रेस नेताओं ने हार का ठीकरा फोड़ दिया। इस्तीफे की बड़ी वजह नाराजगी भी हो सकती है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को क्लीन बोल्ड कर दिया है। इस बड़ी हार के बाद फिर से संगठन को लेकर सवाल उठने शुरु हो गए हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हार की पूरी जिम्मेदारी ली है। वहीं कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने अपने बयान में इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को जिम्मेदारी लेने की बात कही है। अजय सिंह ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि उनके नेता प्रतिपक्ष रहते 2013 के चुनाव में पार्टी हार गई थी तो जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर सवाल उठ रहे हैं कि जीतू पटवारी इंदौर में कांग्रेस को उम्मीदवार विहीन होने से नहीं रोक पाए और अब उन्हीं के कार्यकाल में इंदौर में न केवल बीजेपी की सबसे बड़ी जीत हुई बल्कि प्रदेश से कांग्रेस की संसद में भागीदारी भी शून्य हो गई। ऐसे में आगे इंदौर से प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव की आवाज उठने लगी है। कांग्रेसी कार्यकर्ता पटवारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं एक ही चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की इसे दूसरी बड़ी हार करार दिया है।

Uttarakhand Vidhansabha