पूर्व मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat ने वरिष्ठ पत्रकार को पुलिस द्वारा उठाए जाने की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभ होते हैं, जिनमें पत्रकारिता एक प्रमुख स्तंभ है और इस तरह किसी वरिष्ठ पत्रकार को उठाकर ले जाना गलत है।उन्होंने कहा कि लोगों से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित पत्रकार की छवि साफ-सुथरी और चिंतनशील व्यक्ति की रही है। पुलिस कस्टडी से बाहर आने के बाद उनका बयान सुनकर भी उन्हें लगा कि वह काफी गंभीर और समझदार व्यक्ति हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले में पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है, चिट्ठी भी लिखी है और अपना गुस्सा भी जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का काम सरकार की छवि खराब करना नहीं बल्कि उसे बेहतर बनाना होता है।त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूरी घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकार के बयान के अनुसार एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था जबकि बाकी लोग सिविल ड्रेस में थे। वहीं पत्रकार की पत्नी ने भी आरोप लगाया कि घर में आने वाले लोग “गुंडे टाइप” के थे।उन्होंने सवाल उठाया कि किसी के घर में घुसने से पहले क्या पुलिस के पास सर्च वारंट था। बिना सर्च वारंट के किसी को घर से घसीटकर बच्चों के सामने ले जाना बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी पर इसका गहरा मानसिक असर पड़ा होगा।पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह संबंधित पत्रकार को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर पूरा सहयोग करेंगे।
