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April 15, 2026
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तो क्या पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का खनन को लेकर बयान सही था?

उत्तराखंड के देहरादून जिले में विकासनगर तहसील के कैंची वाला ग्राम सभा से एक बड़ी खबर आ रही है, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने नवनिर्मित सड़क को बचाने के लिए कमर कस ली है। ग्रामीणों ने ओवरलोड खनन सामग्री से भरे डंपरों को रोककर सख्त हिदायत दी है कि दोबारा इस सड़क पर ऐसे वाहन न चलाएं, वरना सड़क जल्दी खराब हो जाएगी।दरअसल, ग्रामीणों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद बनी यह सड़क अब इन भारी-भरकम डंपरों की वजह से टूटने की कगार पर है।वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि इन ट्रकों में एक्स्ट्रा हाइट बॉडी लगाई गई है, ओवरलोड खनिज सामग्री भरकर खुलेआम परिवहन कर रही है। इसके अलावा, वीडियो में ग्रामीण ट्रक चालकों से पूछते नजर आ रहे हैं कि खुद बताएं, ट्रक में ओवरलोड खनिज सामग्री भरी है या नहीं—और चालक खुद इस बात को कबूल कर रहे हैं कि अतिरिक्त लोड खनन सामग्री भरी हुई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ओवरलोड और अवैध खनन पर रोक लगाने में यहां प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर ये डंपर नहीं रुके, तो वे एसडीएम विकासनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।

सवाल अब खनन विभाग और आरटीओ सहित पुलिस प्रशासन पर उठ रहे हैं—आखिर इन ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? जबकि दोपहिया वाहनों पर साइलेंसर जैसी छोटी खामियों के लिए चालान कटते रहते हैं, लेकिन इन भारी ट्रकों की एक्स्ट्रा बॉडी प्रशासन की नजरों से कैसे बच रही है? उत्तराखंड सरकार, जो अवैध खनन पर सख्ती का दावा करती है, क्या अब इन ग्रामीणों की आवाज सुनेगी या सड़कें यूं ही बर्बाद होती रहेंगी?

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