19.3 C
Dehradun, IN
October 13, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तराखण्ड

आपदा की दृष्टि गत किया गया माँक ड्रिल अभ्यास

रूद्रप्रयाग: जनपद रुद्रप्रयाग में भी शासन के निर्देशानुसार केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर आपदा के दृष्टिगत मॉक ड्रील अभ्यास किया गया.
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने अवगत कराया कि आज प्रात:10 बजे जिला परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग को सूचना प्राप्त हुई कि श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर चीरबासा हैलीपैड के समीप बादल फटने के कारण उक्त स्थान से गुजर रहे तीर्थ यात्री मलबे के चपेट में आने से कई व्यक्तियों के घायल एवं हताहत होने की सूचना प्राप्त हुई है। राहत एवं बचाव कार्य हेतु त्वरित कार्यवाही करते हुए सोनप्रयाग में स्टेजिंग एरिया बनाया गया जिसमें सहायक अभियंता लोनिवि नरेंद्र कुमार को स्टेजिंग एरिया मैनेजर बनाया गया जिनकी देखरेख में घटना स्थल के लिए उपकरण सहित डीडीआरएफ, एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, वाईएमएफ,जिला प्रशासन की टीम, फायर तथा स्थानीय पुलिस की टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया ।

घटना की सूचना प्राप्त होते ही जिलाधिकारी के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा घटना स्थल पर पहुंचे तथा उनकी देखरेख एवं निर्देशन में त्वरित गति से राहत एवं बचाव कार्य किया गया।

घटना स्थल पर पहुंचते ही टीम द्वारा रेस्क्यू कार्य प्रारंभ किया गया जिसमें 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है जिसमें 6 पुरुष 4 महिला शामिल हैं। 6 गंभीर घायल व्यक्तियों को हैली के माध्यम से उपचार हेतु एम्स ऋषिकेश भेजा गया तथा 17 घायल व्यक्तियों को उपचार हेतु स्टेजिंग एरिया सोनप्रयाग में लाया गया। इस घटना में 5 घोड़े एवं 7 खच्चर भी घायल हुए हैं जिनका पशु चिकित्सक द्वारा उपचार किया जा रहा है।

अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने कहा कि शासन के निर्देशों के क्रम में केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित,सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए तथा आपदा जैसी घटना घटित होने पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किए जाने के उद्देश्य से आज यह माॅक अभ्यास किया गया जिससे कि यह मालूम चल सकता है कि कितने कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए जिससे कि कम से कम जानमाल का नुकसान हो,इससे यह भी मालूम हो जाता है कि हमारे पास कितने संसाधन एवं उपकरण उपलब्ध हैं।इसी उद्देश्य से यह माॅक अभ्यास किया गया जिसमें सभी संबंधित विभागों द्वारा अपना पूर्ण योगदान दिया गया।

रिपोर्ट – सत्यपाल नेगी

Related posts

जब पहचान मजहब से नहीं, इंसानियत से बनी — कोटद्वार से ढंडेरा तक भाईचारे की तस्वीर….

Nidhi Jain

30 सालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति की कार्य योजना बनाई जाए – मुख्यमंत्री

Uttarakhand Vidhansabha

हरियाणवी खुमार उतारा मित्र पुलिस ने….

Nidhi Jain

Leave a Comment