उत्तराखण्ड में अवैध हथियारों के नेटवर्क पर STF का बड़ा प्रहार
उत्तराखण्ड STF द्वारा अवैध हथियारों के नेटवर्क के विरुद्ध व्यापक अभियान जारी।
ऑटोमेटिक हथियारों सहित भारी मात्रा में अवैध शस्त्र एवं कारतूस बरामद।
STF की लगातार ताबड़तोड़ दबिशों से हथियार तस्करी नेटवर्क में हड़कंप।
वर्ष 2026 के मात्र छह माह में 25 अपराधी गिरफ्तार, 40 अवैध शस्त्र एवं 483 कारतूस बरामद।
अवैध हथियार के सम्बन्ध में जांच अत्यंत गहनता, तकनीकी दक्षता एवं पेशेवर तरीके से जारी।
अवैध हथियारों के विरुद्ध STF की कार्रवाई आगे भी इसी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।
माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ के निर्देशन में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखण्ड द्वारा अवैध हथियार रखने वालो के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।STF द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत अवैध हथियार तस्करों , संगठित गिरोहों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF की सतत मॉनिटरिंग में अब तक 25 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है। इन अभियुक्तों के कब्जे से कुल 40 अवैध शस्त्र एवं 483 कारतूस बरामद किए गए हैं।
बरामद शस्त्रों का विवरण
✔️ 21 पिस्टल
✔️ 10 तमंचे
✔️ 5ऑटोमेटिक पम्प एक्शन गन
✔️ 02 रायफल
✔️ 02 रिवॉल्वर
✔️ 483 कारतूस
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF उत्तराखण्ड ने बताया कि वर्ष 2026 के प्रारम्भ से ही राज्य में अवैध हथियारो रखने/खरीद फरोख्त करने वाले संगठित गिरोहो के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। STF की विभिन्न टीमें इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच में जुटी हुई थीं, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त हुई हैं।”अवैध हथियारों का यह संगठित नेटवर्क न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि राज्य एवं समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। STF इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाकर जांच करेगी। जांच के दौरान जिस किसी व्यक्ति, दलाल अथवा सहयोगी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” STF उत्तराखण्ड की आमजन से अपील है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी संदिग्ध, फर्जी अथवा अवैध शस्त्र रखने वाले/खरीद फरोख्त करने वाले संगठित गिरोहो के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है, तो तत्काल STF को सूचित करें। सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
