स्वर्गीय जनरल बी सी खंडूड़ी जी को समर्पित काव्यांजलि!
काव्यांजलि- जनरल बी सी खण्डूडी जय और दुर्गा की गोद से, एक शेर निकल कर आया था, भारत माँ के चरणों में, जीवन उसने चढ़ाया था। वो पहाड़ का सिपाही और माटी का लाल था, सीमा पर वो डटा रहा, दुश्मनों का काल था। तीन-तीन रण देखे उसने,......
