19.3 C
Dehradun, IN
October 14, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
मध्यप्रदेश

कलेक्टर का आदेश- गर्मी में लें आनलाइन कोचिंग, बुलाना जरूरी हो तो सुबह 11 बजे तक ही चलाएं क्लास

ग्वालियर। ग्वालियर में भीषण गर्मी को देखते हुए कोचिंग जाने वाले छात्र छात्राओं की परेशानी देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 144 के तहत आदेश जारी किए हैं। कोचिंग संचालक आनलाइन की अपनी क्लासेस चला सकेंगे और इसके लिए कोई अनुमति जरूरी नहीं होगी।

जिन छात्र-छात्राओं को कोचिंग में बुलाना जरूरी है वे सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे तक ही क्लास चला सकेंगे। गर्मी के प्रकोप से छात्र-छात्राओं को बचाने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने यह आदेश जारी किया है।

कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ग्वालियर जिले में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई हेतु कई कोचिंग संचालित हैं, जिनमें सुबह 6 बजे से कोचिंग क्लासेस प्रारंभ होकर रात्रि तक जारी रहते हैं। ग्रीष्मकाल के दौरान विगत कुछ दिनों से ग्वालियर जिले का तापमान 45 डिग्री से अधिक रहा है तथा हीट वेव का प्रकोप जारी है।

ग्वालियर जिले में बढ़ते तापमान में छात्र-छात्राओ के दोपहरकालीन शिफ्ट में अध्ययन के लिए आने पर उन्हें लू-लगने, त्वचा संबंधी बीमारी के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

जिले में संचालित सभी कोचिंगों में आध्यापन कार्य आनलाइन क्लासेस के माध्यम से ही कराया जाए। आनलाइन क्लासेस प्रारंभ किये जाने हेतु पृथक से किसी भी प्रकार की अनुमति लिया जाना आवश्यक नहीं होगा।

ऐसे छात्र-छात्रा जिन्हें अध्ययन हेतु कोचिंग क्लासेस में उपस्थित होना अति आवश्यक है, उनके लिए कोचिंग क्लासेस सत्र सुबह 6 बजे से 11 बजे के मध्य में ही संचालित किए जा सकेंगे।

सभी कोचिंग संचालक तीस मई तक इस संबध में छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से विचार विमर्श करते हुए आनलाइन क्लासेस प्रारंभ करने की प्रक्रिया एवं अन्य व्यवस्थाए सुनिश्चित करें और 31 मई से इसका अमल करेंगे।

Related posts

रायसेन में तालाब में डूबने से तीन बच्चों की हुई मौत, खेलते हुए नहाने पहुंचे थे

Uttarakhand Vidhansabha

एक पेड़ मां के नाम: पुलिस परिवार के बीच पहुंचे CM मोहन यादव, पौधा लगाया और कहा – पौधारोपण बना जन अभियान…

Uttarakhand Vidhansabha

मनोरी गांव में डायरिया से पांच लोगों की मौत, स्‍वास्‍थ्‍य विभाग बता रहा यह कारण

Uttarakhand Vidhansabha