23.2 C
Dehradun, IN
August 30, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तराखण्ड

टेढ़ी चाल चलने वाले तुर्की की भारतीयों की वजह से हो रही बल्ले-बल्ले

छुट्टियों का सीजन चल रहा है, कुछ लोग घूम आए हैं और कुछ लोग घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं. देश से हर साल लाखों भारतीय विदेशों में घूमने जाते हैं. विदेश घूमने के लिए भारतीयों की पहली पसंद थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर, मालदीव जैसे देश रहते हैं. तुर्की भी भारतीयों को खूब पसंद आ रहा है. हालांकि, कूटनीतिक स्तर पर देखें तो तुर्की कई ऐसे मुद्दों पर गैरजरूरी रुख अपनाता रहा है, जो भारत को रास नहीं आता है.

तुर्की जाने वाले भारतीयों की तादाद में इस साल रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है. भारतीयों की बड़ी संख्या से तुर्की का पर्यटन विभाग भी बेहद खुश नजर आ रहा है.

पर्यटन उद्योग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि इसके जरिए देश के अंदर विदेश मुद्रा आती है और देश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बढ़ता है. तुर्की के पर्यटन विभाग ने बताया कि 2024 में तुर्की आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. विभाग ने कहा कि साल के शुरुआती 5 महीनों में यानी जनवरी से मई तक भारतीय टूरिस्ट्स की संख्या 1,26,000 हो गई है, जोकि 2023 के मुकाबले 34 फीसद ज्यादा है.

2024 में बढ़ गए भारतीय टूरिस्ट

पर्यटन बोर्ड ने कहा कि 2023 के पर्यटकों की संख्या के हिसाब से ये उछाल उल्लेखनीय है. 2023 के दौरान तुर्की ने कुल 2,74,000 भारतीय पर्यटकों की मेजबानी की थी. इस साल 5 महीनों में भारतीय टूरिस्ट्स की संख्या 1,26,000 हो गई है और आने वाले महीनों में इसके बढ़ने की उम्मीद है.

भारतीय को भा रहे ये शहर

भारतीय को इन दिनों पसंद आ रहे तुर्की के शहरों की बात करें, तो इस्तांबुल अपने ऐतिहासिक इमारतों जीवंत संस्कृति के लिए भारतीय में प्रसिद्ध हो रहा है. कैपाडोसिया अपने शानदार लैंडस्केप और हॉट एयर बैलून की सवारी के लिए फेमस हो रहा है.

वहीं एंटाल्या और बोडरम जैसे तटीय क्षेत्र, जो अपने आश्चर्यजनक समुद्र तटों और लक्जरी रिसॉर्ट्स के लिए जाने जाते हैं, वे भी विवाह समारोहों, हनीमून और कार्यक्रमों के लिए लोकप्रिय हो रहे हैं. भारतीयों में तुर्की घूमने की चाह बढ़ने से तुर्की की अर्थव्यवस्था को सीधे फायदा हो रहा है. हाल ही में तुर्की के पर्याटन बोर्ड ने भारतीय ट्रेवल एजेंट के साथ मिलकर ‘इंडिया रोड शो’ का आयोजन किया था.

Related posts

केदारनाथ में दर्शन के लिए प्रशासन द्वारा लगाई गई टोकन व्यवस्था से श्रद्धालु खुश

Uttarakhand Vidhansabha

तो क्या पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का खनन को लेकर बयान सही था?

Uttarakhand Vidhansabha

पुल में कमीशन खा गए दलाल, कनेक्टिविटी न होने का है जनता को मलाल – जनसंघर्ष मोर्चा

Uttarakhand Vidhansabha