22.7 C
Dehradun, IN
April 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तराखण्डदेशराज्य

यूजेविएनएल- ठेकेदार की मिलीभगत सरकार को लगा रही करोड़ों की चपत

जल विद्युत निगम की शक्ति नहर के बार-बार क्षतिग्रस्त होने को लेकर दहाड़ा मोर्चा 

5-7 माह में ही पैसा पानी में बह गया ! 

विकासनगर : पछवादून क्षेत्र की बेहद महत्वपूर्ण शक्ति नहर, जोकि विद्युत उत्पादन के मामले में यूजेविएनल की रीढ है, के घटिया निर्माण/ मरम्मत कार्य के चलते नहर के बार-बार क्षतिग्रस्त होने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा टीम ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी शक्ति नहर को देख कर अधिकारियों एवं ठेकेदारों के प्रति नाराजगी जताई |

नेगी ने कहा कि एक बार फिर बरसात में नहर का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। एक- डेढ़ वर्ष पूर्व इसकी मरम्मत पर लाखों- करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन कुछ ही समय में पैनल दोबारा टूट कर नहर में समा गये। यह घटना न केवल उत्तराखंड जल विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि इसमें प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की और भी साफ इशारा करती है | पूर्व में मरम्मत के नाम पर मिलीभगत कर घटिया कार्य कराए गए, जिसमें मोटी कमीशन डकार ली गई ताकि दोबारा फिर उसी कार्य को करने के टेंडर मिलते रहें।

शक्ति नहर पर बनी तीन परियोजनाएं ढालीपुर 51 मेगावाट, ढकरानी 33.75 और कुल्हाल 30 मेगावाट,जोकि क्रमश: लगभग 247 एमयू,156 व 160 एमयू (वर्ष 2021-22 के आंकड़े) विद्युत उत्पादन करते हैं, इन तीन पावर हाउसों को जलापूर्ति करने वाली शक्ति नहर, राज्य के विद्युत उत्पादन की रीढ़ मानी जाती है। मगर बार-बार इसके क्षतिग्रस्त होने से न केवल विद्युत उत्पादन ठप हो जाता है, बल्कि करोड़ों की जनता की गाढ़ी कमाई पानी में बह जाती है।

कुछ समय पूर्व नहर में क्लोजर लेकर मरम्मत कराई गई थी। इसके बावजूद दोबारा पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब आनन-फानन में फिर से मरम्मत का काम शुरू किया गया है, जिसमें ‘कट्टों’ के सहारे नहर को भरने की अस्थायी कोशिश की जा रही है निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर कभी कोई ध्यान नहीं दिया जाता

नेगी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल उत्तराखंड जल विद्युत निगम की कार्यशैली को लेकर उठ रहा है। बार-बार होने वाले इन हादसों के बावजूद न तो ठेकेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है, और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होती है। मोर्चा निर्माण /मरम्मत कार्यों में हुई धांधली की जांच एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने को शासन में दस्तक देगा |

टीम में -मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, भीम सिंह बिष्ट, मुकेश पसबोला, गय्यूर,गफूर, नसीम आदि मौजूद थे |

Related posts

ग्रामीण भारत को नई दिशा देगा VB-G RAM G अधिनियम: मुख्यमंत्री

Uttarakhand Vidhansabha

एक शख्स की चार पत्नियां… चौथी को खुश करने के लिए तीसरी के लिए चुराए गहने

Uttarakhand Vidhansabha

IAS पूजा खेडकर का विकलांगता प्रमाण पत्र निरस्त हुआ तो क्या होगा?

Uttarakhand Vidhansabha

Leave a Comment