33.3 C
Dehradun, IN
July 16, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
उत्तरप्रदेश

झोले में कटा हाथ और प्राइवेट पार्ट लेकर घूम रहा था… फिर हुआ सनससनीखेज वारदात का खुलासा

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोपी ने लाश का एक हाथ और प्राइवेट पार्ट काट लिया. उन्हें लेकर गांव में घूमता रहा. फिर मृतक के परिजनों को धमकाते हुए कहा कि इसका अंतिम संस्कार कर दो. घर वालों ने भी डर के मारे शव को दफना दिया. लेकिन जैसे ही मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाया. आरोपी फिलहाल फरार है. उसकी तलाश जारी है.

इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है. मृतक का नाम विनोद बिरजिया था. हत्या का आरोप मगधु महुआ पर लगा है. जानकारी के मुताबिक, 35 साल का विनोद मजदूरी करता था. वह शराब पीने का आदी था. शराब खरीदने के लिए पैसे नहीं होते तो वो लोगों के घर से फावड़ा, कुल्हाड़ी सहित अन्य छोटा सामान चोरी कर बेच देता था. इससे लोग परेशान रहते थे. इस बीच विनोद बिरजिया ने मगधु के घर में भी चोरी कर ली. इससे मगधु उससे नाराज था.

झोले में अंग डालकर घूमा

सोमवार को मगधु ने विनोद की हत्या कर डाली. शव को जंगल में फेंक दिया. लाश का एक हाथ और प्राइवेट काटा. उन्हें झोले में डाला और गांव में घूमता रहा. कुछ लोगों ने मगधु को ऐसा करता देख लिया था. उन्होंने विनोद के घर वालों को इसकी सूचना दी. विनोद के घर वाले जैसे ही उसकी लाश लेकर घर पहुंचे तो मगधु ने उन्हें डराते-धमकाते कहा कि इसका अंतिम संस्कार कर दो. नहीं तो अंजाम बुरा होगा. घर वाले डर गए. उन्होंने वैसा ही किया जैसा मगधु ने कहा. विनोद के शव को दफना दिया गया.

संदिग्धों से पूछताछ जारी

इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो एसडीएम के आदेश पर शव को कब्र से बाहर निकाला गया. उसका पोस्टमार्टम करवाया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है. आरोपी मगधु अभी फरार है. कुछ संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. उनसे मगधु के बारे में जानकारी ली जा रही है.

Related posts

बीजेपी नेताओं से अखिलेश की दूरी, बागियों का हिसाब जरूरी

Uttarakhand Vidhansabha

आपकी उम्मीदवारी खत्म क्यों न कर दी जाए? UPSC ने IAS पूजा खेडकर से पूछा

Uttarakhand Vidhansabha

संगठन को बीजेपी टास्क फोर्स की क्लीन चिट, क्या यूपी में हार की वजहें कुछ और हैं?

Uttarakhand Vidhansabha