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September 19, 2026
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मध्यप्रदेश

ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से खुली लूट और ठगी

ओंकारेश्वर। विश्व प्रसिद्ध तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में दर्शन के नाम पर सुदूरवर्ती प्रदेशों से आने वाले तीर्थयात्रियों से कथित पंडे पुजारियों द्वारा लूट और ठगी धड़ल्ले से जारी है। शासन, प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण तीर्थयात्रियों से जम कर लूटपाट और ठगी का धंधा जारी है। इस कारण तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर की छवि धूमिल हो रही है। ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं से राशि लेकर दर्शन का झांसा देने की अनेक घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं।

यहां तक कि दर्शन कराने के नाम पर बिचौलियों द्वारा श्रद्धालुओं से धन राशि लेने के वीडियो भी सोशल मीडिया में आ चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद शासन, प्रशासन ओंकारेश्वर के मंदिरों में दर्शन के नाम पर मनमानी वसूली और धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि ओंकारेश्वर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। लेकिन मंदिरों के गर्भगृह और परिसर छोटे होने के कारण दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। श्रद्धालुओं को अपनी बारी के लिए चार से पांच घंटे का समय लग रहा है। इस कारण संपन्न घरों के श्रद्धालु लंबी कतारों में प्रतीक्षा से बचने के लिए शीघ्र दर्शन के लिए पंडे-पुजारियों का सहारा लेते हैं।

पंडे-पुजारी और बिचौलिए इस स्थिति का फायदा उठाते हुए संपन्न वर्ग के श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूलते हैं। कई बार बिचौलिए श्रद्धालुओं से राशि लेकर गायब हो जाते हैं और श्रद्धालु स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हैं। ज्ञात है कि ओंकारेश्वर मंदिर प्रशासन द्वारा वीआईपी दर्शन करने के नाम पर 300 रुपये की दान राशि ली जाती है। लेकिन जानकारी के अभाव में श्रद्धालु बिचौलियों के चंगुल में फंस जाते हैं।

ये बिचौलिए श्रद्धालुओं को जल्द दर्शन कराने के नाम पर पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये प्रति व्यक्ति वसूलते हैं। कई बार तो श्रद्धालुओं से पैसा लेकर पंडित पंडे वेश बदल कर में गायब हो जाते हैं और श्रद्धालु ठगा सा खड़ा रह जाता है। एक माह पूर्व श्रद्धालुओं से पांच हजार रुपये लेकर दर्शन करने का वीडियो वायरल हुआ था।

वीडियो के आधार पर पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी को जेल भी भेजा गया था। यह मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि पंडा रितिक पिता विजय निवासी ओंकारेश्वर ने यात्री अभिषेक राठौर से दर्शन के नाम पर बारह सौ रुपये ले लिए।

राठौर की शिकायत पर प्रशासन ने कार्रवाई की और खंडवा कलेक्टर एवं थाना मांधाता के निर्देशन पर नायब तहसीलदार राजेंद्र सस्तया एवं नरेन्द्र मुवेल ने रितिक को पकड़ कर रूपए बरामद किए तथा आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा। थाना प्रभारी अनूप सिंह सिंधिया ने बताया कि उक्त प्रकरण तहसीलदार की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया एवं अपराधी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने पर जेल भेजा गया तहसीलदार राजेंद्र स्तरीय आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह काउंटर से ही वीआईपी दान टिकट खरीद कर दर्शन करें किसी भी बिचौलिया पंडित पंडे के झांसे में ना आएं।

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