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March 1, 2026
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मैं, नरेंद्र दामोदर दास मोदी… किन-किन कर्तव्यों को पूरा करने की शपथ लेते हैं प्रधानमंत्री और सांसद

नरेंद्र मोदी आज (9 जून) भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ तीसरी बार लेंगे. दिल्ली में शपथ समारोह की तैयारियां लगभग पूरी हो गई है. पूरा कार्यक्रम कड़ी सुरक्षा में आयोजित हो रहा है. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत भारत के पड़ोसी देशों और हिंद महासागर क्षेत्र के नेताओं को शपश समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है.

देश के आजाद होने के बाद ऐसा केवल दूसरी बार हुआ है जब किसी एक नेता ने 3 बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली हो. नरेंद्र मोदी से पहले केवल जवाहरलाल नेहरू ने 1952,1957 और 1962 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. चलिए इस मौके पर जानते हैं कि प्रधानमंत्री, राज्य मंत्री और बाकी चुने गए सांसद अपनी शपथ में किन कर्तव्यों का पालन करने की शपथ लेते हैं.

संघ के मंत्रियों की शपथ

शपथ को लेकर संविधान के आर्टिकल 99 में जिक्र है. इसमें कहा गया है कि लोकसभा सदन में बैठने से पहले संसद के सदस्यों को राष्ट्रपति या उनकी ओर से इस काम के लिए नियुक्त किए गए व्यक्ति के सामने शपथ लेनी पड़ती है. शपथ का प्रारूप, संविधान की तीसरी अनुसूची में है.

संघ के मंत्रियों को दो शपथ लेनी होती है. एक पद के लिए और दूसरी गोपनीयता की. संसद का सदस्य बनने पर केवल एक ही शपथ होती है.

संघ के मंत्री के लिए पद की शपथ –

मैं,अमुक, ईश्वर की शपथ लेता हूं/सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा. मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा. मैं संघ के मंत्री के रूप में अपने कर्त्वयों को श्रद्धापवर्कू और शुद्ध अंत:करण से निर्वहन करूंगा तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना, सभी प्रकार के लोग के प्रति संविधान और विधि के अनुसार न्याय करूंगा .

संघ के मंत्री के लिए गोपनीयता की शपथ –

मैं,अमुक, ईश्वर की शपथ लेता हूं/सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं कि जो विषय संघ के मंत्री के रूप में मेरे विचार के लिए लाया जाएगा अथवा मुझे ज्ञात होगा उसे किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को, तब के सिवाय जबकि ऐसे मंत्री के रूप में अपने कर्त्वयों के सम्यक् निर्वहन के लिए ऐसा करना अपेक्षित हो, मैं प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संसूचित या प्रकट नहीं करूंगा.”

लोकसभा के सदस्य द्वारा ली जाने वाली शपथ –

मैं,अमुक, जो लोक सभा का सदस्य निर्वाचित हुआ हूं ईश्वर की शपथ लेता हूं/सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा. मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा अथवा जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूं उसके कर्तव्यों को श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूंगा.”

दिल्ली हुआ ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित, मल्टीलेयर सुरक्षा

सांसदों के शपथ समारोह और विदेशी मेहमानों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति भवन के अंदर और बाहर मल्टीलेयर की सुरक्षा होगी. राष्ट्रपति भवन के रिंग के बाहर दिल्ली पुलिस के जवान तैनात रहेंगे, जबकि इनर रिंग में अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की जाएगी. इसके अलावा राजधानी को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर रखा है. यह बैन 9 से 11 जून तक लागू रहेगा. आसान भाषा में समझें तो दिल्ली में पैराग्लाइडर, हैंग ग्लाइडर, यूवी, यूएएस, माइक्रोलाइट विमान आदि के उड़ने और उड़ाने पर निर्धारित समय के लिए रोक लग गई है. शपथ ग्रहण में शामिल हो रहे विदेशी मेहमान जिन होटलों में ठहरेंगे वहां भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.

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