उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यमुनोत्री धाम में पानी की प्लास्टिक बोतलों पर ₹10 की बारकोड प्रणाली लागू की गई थी। इसके तहत दुकानदारों को बोतलों पर बारकोड लगाकर यात्रियों से ₹10 अतिरिक्त लेने और खाली बोतल लौटाने पर राशि वापस करने का प्रावधान था।लेकिन पिछले यात्रा सीजन के बाद भी यमुनोत्री धाम और पैदल मार्गों पर बड़ी संख्या में खाली प्लास्टिक बोतलें पड़ी दिखाई दे रही हैं, जिन पर बारकोड अब भी लगे हैं। इससे व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान बारकोड खरीदने के लिए उन पर दबाव बनाया गया, जबकि खाली बोतलों के कलेक्शन की व्यवस्था प्रभावी नहीं रही। कलेक्शन सेंटर भी कम होने के कारण कई यात्री बोतलें वापस नहीं कर पाए और उन्हें रास्तों में ही फेंक दिया गया। अब हालात ऐसे हैं कि यमनोत्री मार्ग के रस्ते में जगह जगह प्लास्टिक की बोतलों का अंबार देखा जा सकता है। यमजोत्री धाम के तीर्थ प्रोहित प्रदीप उनियाल ने बताया कि पिछले साल तीर्थ यात्रियों से प्लास्टिक बोतल कलेक्शन न हो पाने के कारण जगह जगह जंगल में प्लास्टिक की बोतले हैं, सीजन शुरू होने वाला है अब तक इनकी सफाई भी नहीं हो पाई है।
