रुड़की के सरकारी अस्पताल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अस्पताल, जो गरीबों के इलाज का सहारा होना चाहिए, वो अब निजी एम्बुलेंस चालकों और दलालों की ‘मंडी’ बन चुका है।ये तस्वीरें देखिए रुड़की के सरकारी अस्पताल परिसर की ये तस्वीरें मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक निजी एम्बुलेंस कर्मी, जो सफेद कुर्ते-पायजामे में नजर आ रहा है, वो एक बेबस मरीज को जबरन अपनी गाड़ी में ले जाने की जिद पर अड़ा है।मरीज के तीमारदार व परिजन गिड़गिड़ा रहे हैं, मना कर रहे हैं, लेकिन इन दलालों के दिल में न तो कानून का खौफ है और न ही मरीज की जान की परवाह। चंद रुपयों के कमीशन के चक्कर में मरीज के तीमारदारों के साथ खुलेआम बदसलूकी और छीना-झपटी की जा रही है।
यह कोई पहली बार नहीं है जब रुड़की का यह सरकारी अस्पताल इस तरह की गुंडागर्दी और दलाली के लिए सुर्खियों में आया हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अस्पताल अब तीमारदारों की मदद के लिए कम और दलालों की ‘मंडी’ के रूप में ज्यादा जाना जाने लगा है। जैसे ही कोई गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचता है, निजी एम्बुलेंस और प्राइवेट अस्पतालों के एजेंट गिद्धों की तरह उसे घेर लेते हैं।अस्पताल प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस काले धंधे पर आखिर प्रबंधन मौन क्यों है? क्या इन दबंग एम्बुलेंस कर्मियों को स्थानीय प्रशासन या अस्पताल के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों का शह प्राप्त है?
