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June 20, 2026
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मध्यप्रदेश

MP के दमोह में जमीन को लेकर विवाद में तीन लोगों की हत्या, इलाके में दहशत..

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में बांसा तारखेड़ा गांव में तीन लोगों की हत्या कर दी गई। मृतकों में होमगार्ड सैनिक रमेश और उनका भतीजा विक्की और पुत्र उमेश बताए गए हैं, सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। अभी पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी भी मौके पर पहुंच गए थे। बताया जा रहा है की जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में झगड़ा चल रहा है।

सोमवार को आरोपियों ने मृतक पक्ष से समझौता करने के लिए परिवार के किसी तीसरे व्यक्ति के घर पर रमेश को बुलाया था। यहां पर धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने विक्की और उमेश को गांव के बाहर आम रास्ते पर गोली मार दी, हत्या में शामिल आरोपी घटना के बाद फरार हो गए हैं। वहीं इस मामले पर एसपी का कहना है कि आरोपियों की खोजबीन करने के लिए टीम गठित कर दी गई है।

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भोपाल : लोकसभा में हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वे दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। इस्तीफे की बड़ी वजह कांग्रेस की आपसी कलह भी मानी जा रही है। दरअसल, 29 सीटों पर क्लीन बोल्ड होने के बाद जीतू पटवारी पर ही कांग्रेस नेताओं ने हार का ठीकरा फोड़ दिया। इस्तीफे की बड़ी वजह नाराजगी भी हो सकती है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को क्लीन बोल्ड कर दिया है। इस बड़ी हार के बाद फिर से संगठन को लेकर सवाल उठने शुरु हो गए हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हार की पूरी जिम्मेदारी ली है। वहीं कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने अपने बयान में इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को जिम्मेदारी लेने की बात कही है। अजय सिंह ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि उनके नेता प्रतिपक्ष रहते 2013 के चुनाव में पार्टी हार गई थी तो जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर सवाल उठ रहे हैं कि जीतू पटवारी इंदौर में कांग्रेस को उम्मीदवार विहीन होने से नहीं रोक पाए और अब उन्हीं के कार्यकाल में इंदौर में न केवल बीजेपी की सबसे बड़ी जीत हुई बल्कि प्रदेश से कांग्रेस की संसद में भागीदारी भी शून्य हो गई। ऐसे में आगे इंदौर से प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव की आवाज उठने लगी है। कांग्रेसी कार्यकर्ता पटवारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं एक ही चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की इसे दूसरी बड़ी हार करार दिया है।

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