39 C
Dehradun, IN
June 21, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
देश

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज से शुरू, पीएम मोदी ने देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

भगवान जगन्नाथ की यात्रा 7 जुलाई को शुरू हो चुकी है. जिसके चलते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के आरंभ के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा, पवित्र रथ यात्रा की शुरुआत पर शुभकामनाएं, हम महाप्रभु जगन्नाथ को नमन करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उनका आशीर्वाद हम पर बना रहे.’

पीएम मोदी ने आषाढ़ी बीज के शुभ मौके पर सभी को, खासतौर पर दुनिया भर में रहने वाले कच्छी समुदाय के लोगों को बधाई दी. दरअसल, आषाढ़ी बीज हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन पड़ता है. यह त्योहार गुजरात के कच्छ क्षेत्र में बारिश की शुरुआत से जुड़ा हुआ है.

पुरी पहुंचे करोड़ों श्रद्धालु

रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ से जुड़ा एक भव्य त्योहार है. इसकी शुरुआत उसी दिन से होती है, जिस दिन गुजरात के कच्छी समुदाय के लोग अपना नया साल मनाते हैं. भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत ही नहीं, विश्वभर में प्रसिद्ध है. ओडिशा के पुरी के जगन्नाथ मंदिर में हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन करने और रथयात्रा में शामिल होने आते हैं. यह रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर निकाली जाती है. भगवान जगन्नाथ का यह धाम देश में स्थित हिंदुओं के चार धाम में से एक है. हिन्दू धर्म में रामेश्वरम, जगनाथ-पूरी, बद्रीनाथ-केदारनाथ और द्वारका 4 धाम है.

सालों बाद दो दिवसीय यात्रा

जगन्नाथ की रथ यात्रा हर साल आषाढ़ मास के द्वितीया तिथि को निकाली जाती है. 53 साल बाद इस बार यह रथ यात्रा 7 जुलाई 2024 को रविवार के दिन शुरू हुई है. ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार इस साल दो-दिवसीय यात्रा आयोजित की गई है, जबकि इससे पहले 1971 वो साल था जब दो-दिवसीय यात्रा का आयोजन किया गया था. 7 जुलाई के बाद अगले दिन 8 जुलाई की सुबह फिर से रथ को आगे बढ़ाया जाएगा. जिसके बाद रथ यात्रा सोमवार को गुंडीचा मंदिर पहुंचेगी.

Related posts

मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया….

Uttarakhand Vidhansabha

राज्य के विकास के लिए अगले 25 वर्षों के लिए नया रोडमैप बनाया जायेगा – मुख्यमंत्री

Uttarakhand Vidhansabha

आंखों से अंधा और नाम नैनसुख?

Nidhi Jain