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June 21, 2026
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मध्यप्रदेश

एक दिवसीय हड़ताल पर इंदौर के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, कलेक्टर कार्यालय के बाहर दिया धरना

इंदौर : मध्यप्रदेश में मजदूर संघ के बैनर तले प्रदेशभर के सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आज एक दिनी हड़ताल करते हुए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इंदौर में बड़ी संख्या में आंगनवाडी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए धरना दिया और जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार के द्वारा इन्हें काफी कम वेतन दिया जा रहा है और उससे कई गुना अधिक काम लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शासन की अन्य योजनाओं के अलावा आंगनवाडी कार्यकर्ताओं से दो-दो एप पर भी काम कराया जा रहा है। इसमें अधिक समय लग रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से इन सभी कार्यकर्ताओं ने सरकार से वेतन बढाने और दो की बजाए एक एप पर काम करने की मांग की है।

उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे एक बार फिर से हड़ताल करेंगे।  फिलहाल हड़ताल कर रहे आंगनवाडी कार्यकर्ताओं से किसी जिम्मेदार अधिकारी ने चर्चा नहीं की है लेकिन अगर आंगनवाडी कार्यकर्ता एक बार फिर से हड़ताल पर जाते है तो प्रशासन का कामकाज भी प्रभावित हो सकता है।

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भोपाल : लोकसभा में हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वे दिल्ली में कांग्रेस की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं। इस्तीफे की बड़ी वजह कांग्रेस की आपसी कलह भी मानी जा रही है। दरअसल, 29 सीटों पर क्लीन बोल्ड होने के बाद जीतू पटवारी पर ही कांग्रेस नेताओं ने हार का ठीकरा फोड़ दिया। इस्तीफे की बड़ी वजह नाराजगी भी हो सकती है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को क्लीन बोल्ड कर दिया है। इस बड़ी हार के बाद फिर से संगठन को लेकर सवाल उठने शुरु हो गए हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हार की पूरी जिम्मेदारी ली है। वहीं कांग्रेस नेता अजय सिंह राहुल ने अपने बयान में इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को जिम्मेदारी लेने की बात कही है। अजय सिंह ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि उनके नेता प्रतिपक्ष रहते 2013 के चुनाव में पार्टी हार गई थी तो जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। दूसरी ओर सवाल उठ रहे हैं कि जीतू पटवारी इंदौर में कांग्रेस को उम्मीदवार विहीन होने से नहीं रोक पाए और अब उन्हीं के कार्यकाल में इंदौर में न केवल बीजेपी की सबसे बड़ी जीत हुई बल्कि प्रदेश से कांग्रेस की संसद में भागीदारी भी शून्य हो गई। ऐसे में आगे इंदौर से प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव की आवाज उठने लगी है। कांग्रेसी कार्यकर्ता पटवारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं एक ही चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जीतू पटवारी की इसे दूसरी बड़ी हार करार दिया है।

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