25.3 C
Dehradun, IN
August 5, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
मध्यप्रदेश

भोपाल में नए कानून BNS में पहली एफआईआर दर्ज, जानिए क्या हुआ बदलाव, अब कैसे एक्शन लेगी पुलिस

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हनुमानगंज थाने में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तहत पहली एफआईआर गाली गलौज की धारा 296 में दर्ज की गई। इस प्रकार की घटना होने पर पहले आईपीसी की धारा 294 के तहत मामला दर्ज होता था।

नए कानून में इस धारा में तीन महीने का कारावास या जुर्माना भी लगा सकता है। इसके साथ दोनों के तहत सजा दे सकती है। इस प्रकार के प्रकरण में सिर्फ धारा बदली है, सजा करीब-करीब बराबर ही है।

रात 12.05 मिनट की है घटना

हनुमानगंज गंज पुलिस के मुताबिक ईसरानी मार्केट थाना हनुमानगंज निवासी 40 वर्षीय प्रफुल्ल पिता जय नारायण चौहान ने शिकायत की थी वह सामातंर कट प्वाइंट से गुजर रहे थे। उस समय राजा उर्फ हरभजन ने उसके साथ गाली गलौच कर मारपीट की। घटना एक जुलाई रात 12 बजकर 5 मिनट की थी। इस पर पुलिस ने आरोपित पर भारतीय न्याय संहिता के धारा 296 में एफआईआर दर्ज कर ली है।

इस मामले की जांच अधिकारी एसआई विवेक शर्मा ने बताया कि इस घटना में पहले आइपीसी 294 में एफआईआर होती थी। अब नई धारा 296 में एफआइआर दर्ज की गई है। इसमें एफआईआर जब्ती कुछ नहीं हुई है, इसलिए ऑडिया और वीडियो अपलोड नहीं किए गए थे। इस धारा में सजा का प्रावधान पहली की तरह ही है, ज्यादा कुछ बदलाव नहीं है।

नए कानून बीएनएस में यह है सजा का प्रावधान

धारा 296 में दोषी को एक अवधि के लिए कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। कारावास को तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है। दोषी पर इसके अलावा जुर्माने लगाया जा सकता है, जिसे एक हजार रुपए तक बढ़ाया जा सकता है। दोषी को इसमें कारावास के साथ जुर्माने की सजा से भी दंडित किया जा सकता है।

Related posts

भोपाल: सड़क पर नमाज पढ़ने और लाउडस्पीकर पर कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर एक्शन मोड में है। इस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार व्यक्ति विशेष को परेशान कर रही है, यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को  सड़क पर नमाज दिख रही लेकिन बाकी चीज नहीं दिख रही है।  कांग्रेस विधायक ने कहा कि मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर उतारे जा रहे हैं, लेकिन शहर में डीजे बज रहे हैं उन्हें लेकर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि जहां एक लाउडस्पीकर है उसे भी हटाया जा रहा है। मसूद ने कहा कि सरकार सदन में कह चुकी है कि लाउडस्पीकर पर बैन नहीं लगा है, तेज बजाने को लेकर कार्रवाई की जाएगी। लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सब मानने को तैयार है। लेकिन नियम के तहत कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके लिए सरकार को आदेश निकालना चाहिए। सीएम मोहन को सड़क पर पढ़ी जा रही नमाज दो दिख रही है लेकिन बाकी चीजें नहीं। सरकार के ये आदेश संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कल मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा था। जिसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार गृह विभाग द्वारा जारी आदेश दिनांक 13/12/2023 का हवाला देकर लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध है। इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है। अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय दृष्टांत रिट पिटीशन क्रमांक 72/98 In Re Noise Pollution में पारित दिनांक 18/07/2005 में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउड स्पीकर/डी.जे./सम्बोधन प्रणाली) को नियंत्रण करने के लिए आदेश का पालन करने हेतु सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित करें ताकि किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न ना हो।

Uttarakhand Vidhansabha

युवती से फोन पर कहा- आपके ऑनलाइन पार्सल में ड्रग्‍स हैं, ठग लिए 5 लाख रुपये

Uttarakhand Vidhansabha

शहडोल रेलवे स्टेशन के यार्ड में मालगाड़ी के चार डिब्बे पलटे, कोयला लेकर राजस्थान जा रही थी

Uttarakhand Vidhansabha