22.2 C
Dehradun, IN
September 15, 2026
Home | Uttarakhand Vidhansabha Local and National News in Hindi
मुख्य समाचार

पुणे में छात्रा को पोर्श कार से कुचलकर मारा, बेटी को इंसाफ दिलाने सड़क पर उतरा जबलपुर

पुणे के चर्चित हिट एंड रन केस की आग अब पूरे देश में फैलती जा रही है. सड़क हादसे में मारी गई जबलपुर की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लोग सड़कों पर आ गए हैं. जबलपुर में छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर इंजीनियरिंग छात्र अश्विनी कोष्ठा के लिए इंसाफ की मांग की है. साथ ही नाबालिग रईसजादे और इस पूरे मामले में जो भी दोषी हैं उन सभी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की भी मांग की है.

दरअसल जबलपुर के गोकलपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के सैकड़ों विद्यार्थियों ने विशाल केंडल जुलूस निकाला और जबलपुर की बेटी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर अश्विनी कोष्टा को इंसाफ दिलाने की मांग की. इसी दौरान, सभी विद्यार्थियों के हाथों में मोमबत्ती और हादसे में मारे गए अश्वनी कोष्ठा और अनीस अवधिया की फोटो थी. गुनहगार को कड़ी सजा दिए जाने को लेकर छात्राओं ने नारेबाजी भी की.

पुणे में हुआ था दोनों का एक्सिडेंट

इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा सिमी दीक्षित का कहना है कि पुणे में दो बेगुनाहों की हत्या कर दी गई और यह घटना शराब के नशे में धुत एक नाबालिग युवक ने की है. इसलिए आरोपी के ऊपर नाबालिग के तहत नहीं बल्कि बालिग के तहत केस चलना चाहिए. छात्राओं का कहना था कि आरोपी के साथ नाबालिग के जैसे व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि जब उसने शराब पी थी तो बालिग समझकर ही पी होगी. यहां विद्यार्थियों में भारी गुस्सा भी देखने को मिला.

लोगों में काफी गुस्सा

पुणे में मध्य प्रदेश के जबलपुर और उमरिया के दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत हो गई थी. पुणे के कल्याणी नगर में हुए इस हादसे में जबलपुर के शक्ति नगर से लगे साकार हिल्स में रहने वाली 25 साल की अश्वनी कोष्टा और बिरसिंहपुर पाली के रहने वाले अनीस अवधिया ने हादसे के तुरंत बाद मौके पर ही दम तोड़ दिया. अश्विनी के शव को सोमवार की शाम पुणे से जबलपुर लाया गया वहीं अनीश का शव उमरिया के पाली गांव पहुंचा जहां दूसरे दिन दोनों का अंतिम संस्कार किया गया.

परिवार में सबसे छोटी थी अश्वनी

परिवार में सबसे छोटी होने के कारण अश्वनी को सभी लोग प्यार से आशी कह कर बुलाया करते थे. सड़क हादसे में आशी की दर्दनाक मौत की जैसे ही खबर आई परिवार में मातम छा गया. जबलपुर के शक्ति नगर से लगे साकार हिल्स कॉलोनी में रहने वाले सुरेश कुमार कोष्टा बिजली विभाग में कार्यालय सहायक के पद पर पदस्थ हैं, इनका एक बेटा सम्प्रित बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है तो दूसरी बेटी अश्विनी पिछले 2 सालों से पुणे में रहकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही थी. अश्विनी इसके पहले अमेजॉन कम्पनी में थी. एक साल पहले ही उसने स्विच करके जॉनसन कंट्रोल कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर ज्वाइन किया था.

Related posts

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग व टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजनाओं की समीक्षा, सीएम ने तेज गति से कार्य करने के निर्देश दिए

Nidhi Jain

उत्तराखंड में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की तैयारी तेज़, CM धामी ने दिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश

Uttarakhand Vidhansabha

कोटद्वार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर कार्यकर्ता सम्मेलन

Nidhi Jain